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दुर्ग

दिवाली पर कुम्हारों को राहत, दिया बेचने पर किसी प्रकार की वसूली नहीं होगी

दुर्ग |  धनतेरस, नरक चतुर्दशी एवं दिपावली पर्व पर कुम्हार एवं अंचल के ग्रामीणो के द्वारा बनाये गये मिट्टी के दिये का ही उपयोग करें। अभी नगर के सभी क्षेत्रों में कुम्हारो द्वारा बनाये गये दिये का विक्रय किया जा रहा है। बहुत सी ग्रामीण महिलाएं गांव से कुम्हारो के बने दिये लाकर गली, मोहल्लो, कालोनियों में कलश दिया, घड़ा, गुलदान, गुल्लक इत्यादि की बिक्री कर रही है। कलेक्टर ऋृचा प्रकाश चौधरी ने सभी नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतो को आदेशित किये है, कि इस प्रकार के ग्रामीण अंचलो के बने सामग्रीयों का अधिकत्म उपयोग करें।

इसी तारतम्य में आयुक्त बजरंग दुबे द्वारा नगर निगम के सभी जोन कमिश्नर, राजस्व अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किये है कि कुम्हारो के बने दिये बेचने वालो का सहयोग किया जाए। अधिक से अधिक लोगो को मिट्टी के बने दिये खरीदने के लिए प्रेरित किया जाए। दिया बेचने वाले कुम्हारो से किसी प्रकार की कर की वसूली न की जाए।

नगर निगम भिलाई के अधिकारी कर्मचारियो द्वारा भी अपने-अपने घरों में ग्रामीण अंचल द्वारा बनाये गये दियो का ही उपयोग किया जाएगा। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, महापौर नीरज पाल द्वारा नागरिको से अपील की है कि ग्रामीण अंचल के बने मिट्टी के दियो का अधिक से अधिक उपयोग करें। जिस दिये से हम अपने घरो में रोशनी करेगें, उस दिये को बेच कर जो पैसा मिलेगा, उससे हमारे ग्रामीण अंचल के कुम्हार भाईयो के घरो में भी दिपावली अच्छे से मनेंगी।

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